हिन्दी व्याकरण – संज्ञा

By | 11/01/2016

noun

संज्ञा किसे कहते हैं ?

किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, स्थिति, गुण या भाव के नाम का बोध कराने वाले शब्दों को संज्ञा कहते हैं ।

जैसे- लखनऊ गोमती किनारे बसा है । क्रोध इंसान को पागल बना देता है ।

लखनऊ शहर का नाम है । इंसान जाति का सूचक है । गोमती नदी का नाम है । क्रोध भाव को दर्शाता है । ये सभी संज्ञा ही हैं ।

संज्ञा को पहचानने के आधार-

1. संज्ञा शब्द प्राणीवाचक या अप्राणीवाचक हो सकते हैं । जैसे- बालक, चिड़िया, बैल इत्यादि प्राणिवाचक है । दाल, चावल, टेबुल इत्यादि अप्राणिवाचक हैं ।
2. संज्ञा शब्द गणनीय या अगणनीय हो सकते हैं । जैसे- आम,सेब,पेड़ इत्यादि गिने जा सकते हैं । लेकिन पानी, हवा, आग इत्यादि को नहीं गिना जा सकता है ।
3. संज्ञा पद वाक्य में कर्ता,कर्म, पूरक आदि की भूमिका निभा सकता है । जैसे- प्रशांत पढ़ रहा है । उसने लक्ष्मण को पढ़ाया । इन वाक्यों में प्रशांत के रुप संज्ञा कर्ता है और लक्ष्मण कर्म है ।
4. संज्ञा पद के बाद परसर्ग आ सकते हैं । जैसे- कुर्सी पर, आँगन का, पंखा में

 

5. संज्ञा के पहले विशेषणों का प्रयोग हो सकता है । जैसे- लंबी लड़की, काला बेल्ट, छोटी छत इत्यादि ।

संज्ञा के भेद

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा

2. जातिवाचक संज्ञा

3. द्रव्यवाचक संज्ञा

4. समूहवाचक संज्ञा

5. भाववाचक संज्ञा

संज्ञा के भेदों का विवरण-

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा- जिस शब्द से किसी एक विशेष व्यक्ति, प्राणी, वस्तु या स्थान का बोध होता है ।

 

जैसे-

 

मुनष्यों के नाम- प्रियंका, मुकेश, कैलाश, प्रशांत, निशांत, अंजू, सुधा, वीणा इत्यादि
प्राणियों के नाम- कामधेनू (गाय का नाम), एरावत (हाथी का नाम)
वस्तुओं के नाम- मिर्च (मसाला का नाम), गांडीव (घनुष का नाम)
स्थानों के नाम- पटना, भोपाल, लखनऊ, दिल्ली, हरिद्वार, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब इत्यादि

 

2. जातिवाचक संज्ञा- जिस शब्द का संबंध जाति से हो ।

जैसे- मनुष्य, नदी, पहाड़, नगर, राज्य, देश इत्यादि ।

 

3. द्रव्यवाचक संज्ञा- वैसे शब्द जो द्रव्य या पदार्थों का बोध कराते हैं ।

 

जैसे- पानी, स्टील, सोना, लकड़ी, ऊन, प्लास्टिक, चीनी इत्यादि ।

 

4. समूहवाचक संज्ञा- जिससे समूह का बोध हो ।

 

जैसे- कक्षा, सेना, टीम, भीड़ इत्यादि ।

 

5. भाववाचक संज्ञा- जिन संज्ञा शब्दों से किसी वस्तु या व्यक्ति के गुण-धर्म,दोष, शील, स्वभाव, अवस्था, भाव इत्यादि का बोध होता है ।

 

जैसे-  सुंदरता, प्यार, ईमानदारी, बचपन, क्रोध इत्यादि ।

 

नोट-  जातिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण और अव्यय से भी भाववाचक बनाए जाते हैं ।

 

जैसे- दोस्त से दोस्ती, अहं से अहंकार, ऊपर से ऊपरी इत्यादि ।

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