हिन्दी व्याकरण – मुहावरे और लोकोक्तियाँ

By | 19/01/2016

मुहावरा

कोई भी ऐसा वाक्यांश जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ को व्यक्त करे उसे मुहावरा कहते हैं  ।

लोकोक्ति

लोक-अनुभव से बनने वाली उक्तियां जो किसी समाज ने लंबे अनुभव से सीखा है उसे एक वाक्य में बाँध दिया है ।

अक्ल-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
अक्ल चकराना– (कुछ समझ में आना) पेड़ पर चढ़ते ही मेरी अक्ल चकरा गई ।
अक्ल के पीछे लठ लिए फिरना– (समझाने पर भी मानना) वह तुम्हारी बात नहीं मानेगा । अक्ल के पीछे लठ लिए फिरता है वह ।
अक्ल का दुश्मन– (मूर्ख) वह अक्ल का दुश्मन निकला ।
अक्ल के घोड़े दौड़ाना– (विचार करना) बड़े-बड़े विद्वानों ने अक्ल के घोड़े दौड़ाए,  तब कहीं जाकर संविधान की रचना हुई ।

अंग संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
अंगअंग ढीला होना– (बहुत थक जाना) आज तो मेरा अंग-अंग ढीला हो रहा है ।
अंग छूना– (कसम खाना) मैं अंग छूकर कहता हूँ साहब,  मैंने कलम नहीं देखी ।
अंगअंग टूटना– (सारे बदन में दर्द होना) इस बुखार ने तो मेरा अंग-अंग तोड़कर रख दिया ।
अंगअंग मुसकाना-(बहुत प्रसन्न होना) उसका अंग-अंग मुसकरा रहा होगा ।

आँख-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
आँख चुराना– (छिपना) चोरी पकड़ी जाने के बाद वह मुझसे आँखें चुराता फिरता है ।
आँखों में धूल झोंकना– (धोखा देना) शिवाजी मुगल पहरेदारों की आँखों में धूल झोंककर कारागार से बाहर निकल गए।
आँख दिखाना– (गुस्से से देखना) जो भारत को आँख दिखाएगा,  हम उसकी आँखें फोड़ देंगे ।
आँखों में गिरना– (सम्मानरहित होना) कुर्सी की होड़ ने राजनीतिक दलों को जनता की आँखों में गिरा दिया ।
आँख मारना– (इशारा करना) वो मेरी बात से सहमत दिखा । क्योंकि उसने मुझे आंख मारी ।
आँख तरसना– (देखने के लालायित होना) तुम्हें देखने के लिए तो मेरी आँखें तरस गई ।
आँख फेर लेना– (प्रतिकूल होना) लगता है, गरीबों पर से खुदा ने आँखें फेर ली हैं।
आँख बिछाना-(प्रतीक्षा करना) महात्मा गांधी जिधर जाते थे उधर ही लोग उनके लिए आँखें बिछाए खड़ी होती थी ।
आँखें सेंकना– (सुंदर वस्तु को देखते रहना) आँख सेंकते रहोगे या कुछ करोगे भी ।
आँखें चार होना– (प्रेम होना, आमनासामना होना) कल मुलाकात हुई, उनसे आँखें चार हुईं ।
आँखों का तारा– (बहुत प्यारा) मेरी बहन मेरी आँखों का तारा है ।
आँख उठाना– (देखने का साहस करना) अब वह कभी-भी मेरे सामने आँख नहीं उठा सकेगा ।
आँख खुलना– (होश आना) जब रमेश ने उसकी सारी संपत्ति हड़प ली तब उसकी आँखें खुली ।
आँखों में समाना– (दिल में बस जाना) गिरधर मीरा की आँखों में समा गए ।
आँख लगना– (नींद आना) बड़ी मुश्किल से अब उसकी आँख लगी है ।
आँखों पर पर्दा पड़ना– (लोभ के कारण सच्चाई दिखना) अभी तुम्हें कुछ सुझेगा नहीं क्योंकि तुम्हारी आँखों पर परदा पड़ा हुआ है ।
आँखों का कांटा– (अप्रिय व्यक्ति) शराब पीने की आदत की वजह से रोशन अपने पिता की आंखों का कांटा बन गया ।

कलेजा-संबंधी कुछ मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
कलेजे पर हाथ रखना– (अपने दिल से पूछना) अपने कलेजे पर हाथ रखकर कहो कि क्या तुमने पैन नहीं तोड़ा ।
कलेजा जलना– (काफी दुख होना) उसकी बातें सुनकर मेरा कलेजा जल उठा ।
कलेजा थामना– (जी कड़ा करना) अपने एकमात्र युवा पुत्र की मृत्यु पर माता-पिता कलेजा थामकर रह गए ।
कलेजा ठंडा होना– (संतोष हो जाना) मनचलों की गिरफ्तार होते देख गाँव वालों का कलेजा ठंडा हो गया ।
कलेजे पर पत्थर रखना– (दुख में भी धीरज रखना) उसने तो कलेजे पर पत्थर रख लिया है।
कलेजे पर साँप लोटना– (ईर्ष्या से जलना) श्रीराम के राज्याभिषेक का समाचार सुनकर दासी मंथरा के कलेजे पर साँप लोटने लगा ।

नाक-संबंधी कुछ मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
नाक रगड़ना– (दीनता दिखाना) किसान ने जमीनदार के सामने खूब नाक रगड़ी, पर वो नहीं माना ।
नाक पर मक्खी बैठने देना– (अपने पर आँच आने देना) कितनी ही मुसीबतें उठाई,  पर उसने नाक पर मक्खी न बैठने दी ।
नाक में दम करना– (बहुत तंग करना) चोरों ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है ।
नाक कटना– (प्रतिष्ठा नष्ट होना) नालायक बेटे ने तो उसके खानदान की नाक कटवा दी ।
नाक रखना– (मान रखना) सच पूछो तो उसने सच कहकर मेरी नाक रख ली ।

कान-संबंधी कुछ मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
कान का कच्चा– (सुनते ही किसी बात पर विश्वास करना) जिस मालिक कान के कच्चे होते हैं वे भले कर्मचारियों पर विश्वास नहीं करते ।
कान भरना– (चुगली करना)  अपने दोस्तों के खिलाफ कभी कान नहीं भरना चाहिए ।
कान कतरना– (बहुत चतुर होना) वह तो अभी से बड़े-बड़ों के कान कतरता है ।
कान पर जूँ तक रेंगना– (कुछ असर होना) खराब कानून-व्यवस्था पर सरकार की कान पर जूं तक नहीं रेंगती ।
कानों कान खबर होना– (बिलकुल पता चलना) यह लो रुपए, लेकिन किसी को कानों कान खबर न हो ।

मुँह-संबंधी कुछ मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
मुँह खून लगना– (रिश्वत लेने की आदत पड़ जाना) उसके मुँह खून लगा है,  बिना पैसे लिए वह काम नहीं करेगा ।
मुँह की खाना– (हार मानना) पड़ोसी के घर के मामले में दखल देकर उसे मुँह की खानी पड़ी।
मुँह में पानी भर आना– (दिल ललचाना) लड्डू का नाम सुनते ही मेरे मुँह में पानी भर आया ।
मुँह छिपाना– (लज्जित होना) मुँह छिपाने से काम नहीं बनेगा, कुछ करके भी दिखाओ।
मुँह रखना– (मान रखना) मैं तुम्हारा मुँह रखने के लिए ही प्रमोद के पास गया था, वरना मुझे क्या जरूरत थी ।
मुँहतोड़ जवाब देना– (कड़ा उत्तर देना) मुँहतोड़ जवाब मिलने पर वह फिर कुछ नहीं बोला ।
मुँह पर कालिख पोतना– (कलंक लगाना) बेटा तुम्हारे कुकर्मों ने मेरे मुँह पर कालिख पोत दी है ।
मुँह उतरना– (उदास होना) आज तुम्हारा मुँह क्यों उतरा हुआ है ।
मुँह ताकना– (दूसरे पर आश्रित होना) अब गेहूँ के लिए हमें विदेशों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा ।
मुँह बंद करना– (चुप कर देना) रिश्वत ने बड़े-बड़े अफसरों का मुँह बंद कर रखा है ।

दाँत-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
दाँत पीसना– (बहुत ज्यादा गुस्सा करना) मुझ पर दाँत क्यों पीसते हो ? गलती तो उसने की है ।
दाँत खट्टे करना– (बुरी तरह हराना) भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी सैनिकों के दाँत खट्टे कर दिए ।
दाँत काटी रोटी– (घनिष्ठता, पक्की मित्रता) कभी विकास और पंकज में दाँत काटी रोटी थी पर आज एक-दूसरे के जानी दुश्मन हैं ।

 

गरदन-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
गरदन पर सवार होना– (पीछे पड़ना) कलर्क की गरदन पर सवार होने से तुम्हारा काम नहीं बनने वाला है ।
गरदन पर छुरी फेरना– (अत्याचार करना) उस बेकसूर की गरदन पर छुरी फेरते तुम्हें शरम नहीं आती । इसकी सजा तुम्हे भगवान देंगे ।
गरदन झुकाना– (लज्जित होना) मेरा सामना होते ही उसकी गरदन झुक गई।

 

गले-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
गले मढ़ना– (जबर्दस्ती किसी को काम सौंपना) इसे मेरे गले मढ़कर तुमने मुसीबत में डाल दिया है ।
गले का हार– (बहुत प्यारा) तुम उसके गले का हार हो ।
गला फँसाना– (बंधन में पड़ना) दूसरों के मामले में गला फँसाने से कुछ हाथ नहीं आएगा ।
गला घोंटना– (अत्याचार करना) जो गरीबों का गला घोंटता है वह देर तक नहीं टिक सकता ।

सिर-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
सिर पर भूत सवार होना– (धुन लगाना) तुम्हारे सिर पर तो हर समय भूत सवार रहता है।
सिर पर मौत खेलना– (मृत्यु नजदीक होना) विभीषण ने रावण से कहा कि तुम्हारे सिर पर तो मौत खेल रही है ।
सिर पर खून सवार होना– (मरनेमारने को तैयार होना) डैनी के सिर पर तो हर समय खून सवार रहता है ।
सिरधड़ की बाजी लगाना– (प्राणों की भी परवाह करना) भारतीय वीर देश की रक्षा के लिए सिर-धड़ की बाजी लगा देते हैं ।
सिर नीचा करना– (लजा जाना) मुझे देखते ही उसने सिर नीचा कर लिया।

हाथ-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
 हाथोंहाथ– (बहुत जल्दी) मेरा काम हाथों-हाथ हो गया ।
हाथ खींचना– (साथ देना) मुसीबत के समय नकली दोस्त हाथ खींच लेते हैं ।
हाथ खाली होना– (रुपयापैसा होना) क्या करूं ? भाई का दाखिला भी जरूरी है, और हाथ भी खाली है ।
हाथ पे हाथ धरकर बैठना– (निकम्मा होना) उद्यमी कभी भी हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठते हैं ।
हाथ मलते रह जाना-(पछताना) बिना सोचे-समझे काम करने वाले हाथ मलते हैं ।
हाथों के तोते उड़ना– (दुख से हैरान होना) दादा के निधन का समाचार पाते ही उसके हाथों के तोते उड़ गए ।
हाथ साफ करना– (चुरा लेना) ओह ! किसी ने मेरी जेब पर हाथ साफ कर दिया ।
हाथपाँव मारना– (प्रयास करना) हाथ-पाँव मारने वाला व्यक्ति अंत में अवश्य सफलता प्राप्त करता है ।
हाथ डालना-(शुरू करना)- किसी भी काम में हाथ डालने से पहले उसके अच्छे या बुरे फल पर विचार कर लेना चाहिए ।

हवा-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
हवा लगना– (असर पड़ना) मोहन को शहर की हवा लग गई ।
हवा से बातें करना– (बहुत तेज दौड़ना) जापान में बुलेट ट्रेन हवा से बातें करती हैं ।
हवाई किले बनाना– (झूठी कल्पनाएँ करना) हवाई किले ही बनाने से सफलता नहीं मिलती ?
हवा हो जाना-(गायब हो जाना)- देखते-ही-देखते मेरी साइकिल न जाने कहाँ हवा हो गई ?

पानी-संबंधी मुहावरे

मुहावरे उदाहरण
पानीपानी होना– (शर्मिंदा होना) राकेश पिताजी की पॉकेट से सौ रुपए निकाल ही रहा था कि मैंने देख लिया । मुझे देखते ही वह पानी-पानी हो गया ।
पानी फेर देना– (निराश कर देना) उसने तो मेरी उम्मीदों पर पानी पेर दिया ।
पानी में आग लगाना– (शांति भंग कर देना) तुमने तो हमेशा पानी में आग लगाने का ही काम किया है ।
पानी भरना– (तुच्छ लगना) तुमने तो जीवन-भर पानी ही भरा है ।

कुछ मिले-जुले मुहावरे

अँगूठा दिखाना (देने से साफ इनकार कर देना)
अगरमगर करना (टालमटोल करना)
अंगारे बरसाना (अत्यंत गुस्से से देखना)
आड़े हाथों लेना (अच्छी तरह काबू करना)
आकाश से बातें करना (बहुत ऊँचा होना)
ईद का चाँद (बहुत कम दीखना)
 उँगली पर नचाना (वश में करना)
कलई खुलना (रहस्य प्रकट हो जाना)
कुत्ते की मौत करना (बुरी तरह से मरना)
कोल्हू का बैल (निरंतर काम में लगे रहना)
खाक छानना (दर-दर भटकना)
गड़े मुरदे उखाड़ना (पिछली बातों को याद करना)
गुलछर्रे उड़ाना (मौज करना)
घास खोदना (फुजूल समय बिताना)
चंपत होना (भाग जाना)
छक्के छुडा़ना (बुरी तरह पराजित करना)
टकासा जवाब देना (कोरा उत्तर देना)
टोपी उछालना (अपमानित करना)
तलवे चाटने (खुशामद करना)
थाली का बैंगन (अस्थिर विचार वाला)
दौड़धूप करना (कठोर श्रम करना)
धज्जियाँ उड़ाना (नष्ट-भ्रष्ट करना)
नमकमिर्च लगाना (बढ़ा-चढ़ाकर कहना)
नौदो ग्यारह होना (भाग जाना)
दानेदाने को तरसना (अत्यंत गरीब होना)
बिल्ली को देखते ही चूहे नौदो ग्यारह हो गए (गलत काम करके उपदेश देना)
बालबाल बचना (बड़ी कठिनाई से बचना)
मक्खियाँ मारना (निकम्मे रहकर समय बिताना)
माथा ठनकना (संदेह होना)
रफूचक्कर होना (भाग जाना)
रंग उड़ाना (घबरा जाना)
लोहे के चने चबाना (बहुत कठिनाई से सामना करना)
लोहे के चने चबाना (बहुत कठिनाई से सामना करना)
हजामत बनाना (ठगना)
राई का पहाड़ बनाना (छोटी-सी बात को बहुत बढ़ा देना)

 

कुछ प्रचलित लोकोक्तियाँ

अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गई खेत (समय निकल जाने पर पछताने से क्या लाभ)
अधजल गगरी छलकत जाए (कम गुण वाला व्यक्ति दिखावा बहुत करता है)
आम के आम गुठलियों के दाम (दुगुना लाभ)
ऊँची दुकान फीका पकवान (केवल ऊपरी दिखावा करना)
घर का भेदी लंका ढाए (आपसी फूट के कारण भेद खोलना)
जिसकी लाठी उसकी भैंस (शक्तिशाली की विजय होती है)
जल में रहकर मगर से वैर (किसी के आश्रय में रहकर उससे शत्रुता मोल लेना)
दूध का दूध पानी का पानी (सच और झूठ का ठीक फैसला)
मन चंगा तो कठौती में गंगा (यदि मन पवित्र है तो घर ही तीर्थ है)
दोनों हाथों में लड्डू (दोनों ओर लाभ)
मान मान मैं तेरा मेहमान (जबरदस्ती किसी का मेहमान बनना)
नाच जाने आँगन टेढ़ा (काम करना नहीं आना और बहाने बनाना)
रहेगा बाँस,  बजेगी बाँसुरी (कारण के नष्ट होने पर कार्य न होना)
दूर के ढोल सुहावने (जो चीजें दूर से अच्छी लगती हों)
बगल में छुरी मुँह में रामराम (भीतर से शत्रुता और ऊपर से मीठी बातें)
साँप मरे लाठी टूटे (हानि भी न हो और काम भी बन जाए)
सावन हरे भादों सूखे (हमेशा एक-सी स्थिति में रहना)
सौ सुनार की एक लुहार की (निर्बल की सैकड़ों चोटों की सबल एक ही चोट से मुकाबला कर देते है)
लातों के भूत बातों से नहीं मानते (शरारती समझाने से वश में नहीं आते)

 

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