Category Archives: UPSC

उत्तर प्रदेश वानिकी

वनों के प्रकार : तराई के नम क्षेत्र वाले वन, विन्ध के शुष्क जलवायु के वन, बीहड़ व भाबर वन, सामाजिक तथा पंचायती वन | वन क्षेत्र :  21,833 वर्ग किमी वन्य जीव विहार :  24 प्राणी उदयान  : 2 राष्ट्रीय उदयान : 1 प्रमुख वन्य जीव :  बाघ, जंगली हाथी, गैंडा, बारहसिंगा, हिरन, सुइस… Read More »

उत्तर प्रदेश में झाीलें

उत्तर प्रदेश में झाीलों का प्राय: आभाव हैं | इस प्रदेश की प्रमुख झाीलों का संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित हैं | कुमेला झाील :  यह झाील अमौसी हवाई अड्डे के पास 500 एकर क्षेत्रा मे फेली हुई है | यह गर्मी में सूख जाती है | टाण्डादारी झाील : यह झाील भूकंप की दरार से बनी… Read More »

हिन्दी व्याकरण – शब्द भंडार – अनेक के एक शब्द

इसे इस प्रकार समझा जा सकता है-   1 जहाँ पहुँचा न जा सके   अगम, अगम्य 2 जिसे बहुत कम ज्ञान हो, थोड़ा जानने वाला   अल्पज्ञ 3 मास में एक बार आने वाला   मासिक 4 जिसके कोई संतान न हो   निस्संतान 5 जो कभी न मरे   अमर 6 जिसका आचरण अच्छा… Read More »

हिन्दी व्याकरण – शब्द भंडार – पर्यायवाची शब्द

पर्यायवाची का तात्पर्य क्या है ? पर्याय का मतलब है- समान । यानी समान अर्थ व्यक्त करने वाले शब्दों को पर्यावाची शब्द कहते हैं ।   पर्यायवाची शब्दों से किसी भी भाषा की सबलता की बहुता को दर्शाता है । पर्यायवाची शब्द के कुछ उदाहरण-   शब्द पर्यायवाची   अचानक अकस्मात, अनायास, एकाएक, दैवयोग  … Read More »

हिन्दी व्याकरण – शब्द रचना – उपसर्ग और प्रत्यय

रचना या बनावट के आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं-   रूढ   यौगिक और   योगरूढ़     रूढ़ शब्द वह होते हैं जो परंपरा से एक विशेष अर्थ में चले आ रहे हैं और इनका शब्दांश या शब्द खंड निरर्थक होते हैं । जैसे- हवा, बकरी, नीम इत्यादि ।   यौगिक शब्द वह… Read More »

हिन्दी व्याकरण – शब्द रचना – समास

समास की परिभाषा क्या है ? समास का अर्थ है ‘संक्षिप्तीकरण’। दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नये और सार्थक शब्द को समास कहते हैं ।   जैसे- कमल के समान नयन  इसे हम कमलनयन  भी कह सकते हैं। सामासिक शब्द समास के नियमों से बने शब्द सामासिक शब्द कहलाते हैं । इसे समस्तपद भी… Read More »

हिन्दी व्याकरण – शब्द रचना – संधि

संधि किसे कहते हैं ? दो वर्णों या ध्वनियों के विकार से होने वाले विकार को संधि कहते हैं । जैसे- विद्या+आलय= विद्यालय, सु+उक्ति= सूक्ति, गण+ईश= गणेश । संधि के भेद संधि के भेद-संधि तीन प्रकार की होती हैं- 1. स्वर संधि 2. व्यंजन संधि और 3. विसर्ग संधि विस्तार से- 1. स्वर संधि दो स्वरों… Read More »

हिन्दी व्याकरण – वाक्य

वाक्य-विश्लेषण सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि वाक्य क्या है । एक विचार को पूर्ण रूप से प्रकट करने वाला शब्द-समूह वाक्य कहलाता है । जैसे- मैं दो दिन से बीमार हूं ।   इसी तरह, किसी वाक्य के विभिन्न घटकों (पदों या पदबंधों) को अलग-अलग करके उनके परस्पर संबंध को बताना वाक्य विश्लेषण कहा जाता है । इस… Read More »

हिन्दी व्याकरण – अव्यय

अव्यय किसे कहते हैं ? अव्यय का शाब्दिक अर्थ है जिस शब्द का कुछ भी व्यय न हो । दूसरे रूप में, अव्यय वे शब्द हैं जिनके रूप में लिंग-वचन-पुरुष-काल इत्यादि व्याकरणिक कोटियों के प्रभाव से कोई परिवर्तन नहीं होता । जैसे-  पर,  लेकिन,  ताकि,  आज,  कल,  तेज,  धीरे,  अरे,  ओह  इत्यादि । अव्यय के… Read More »

हिन्दी व्याकरण – विराम-चिह्न

विराम चिह्न क्या है ? क्या आपने कभी सोचा है कि बोलते समय सभी वाक्यों को लगातार नहीं बोला जा सकता । हमें अपनी कहने के लिए (स्पष्ट और सटीक बनाने के लिए) बोलने में थोड़ा रुकना होता है । हम एक वाक्य के बाद थोड़ा रुकते हैं । जैसे- निशांत अरबपति है । इस… Read More »